CRPF वाहन खाई में गिरा: उधमपुर में दर्दनाक हादसा, कई जवान गंभीर रूप से घायल

 जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक वाहन एक गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा बृहस्पतिवार को लोधरा बसंतगढ़ इलाके में हुआ, जब सीआरपीएफ का वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे का विवरण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब सीआरपीएफ का वाहन नियमित गश्त या ड्यूटी के सिलसिले में लोधरा बसंतगढ़ इलाके से गुजर रहा था। अचानक वाहन सड़क पर अपना संतुलन खो बैठा और अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया।

स्थानीय सूत्रों और अधिकारियों के अनुसार, यह इलाका पहाड़ी और दुर्गम है, जहां सड़कों की हालत चुनौतीपूर्ण रहती है। यही वजह रही कि वाहन चालक संतुलन नहीं बना पाया और वाहन सीधे खाई में चला गया।

बचाव कार्य में तत्परता

जैसे ही हादसे की सूचना मिली, स्थानीय पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को खाई से निकाला गया। घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “घटना की सूचना मिलते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। जवानों को बचाने के लिए स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है।”

घायलों की हालत

मौके पर मौजूद चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घायलों में कुछ की हालत बेहद गंभीर है। उन्हें विशेष इलाज के लिए जिला अस्पताल और कुछ को जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम इनका इलाज कर रही है।

प्रशासन की कार्रवाई

उधमपुर जिला प्रशासन की ओर से तत्काल प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस, सेना, और आपदा प्रबंधन बल (SDRF) की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। पूरे इलाके को घेर कर सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी और को मदद की ज़रूरत तो नहीं है।

हादसे की वजह क्या हो सकती है?

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सड़क फिसलन भरी थी और इलाके में हल्की बारिश भी हुई थी। साथ ही, यह इलाका बेहद पहाड़ी है, जहां ड्राइविंग करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि हादसे के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच बैठाई गई है।

सीआरपीएफ की प्रतिक्रिया

CRPF की स्थानीय यूनिट ने भी घटना की पुष्टि की है। यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे जवान नियमित ड्यूटी पर थे। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। हम घायलों को हरसंभव मेडिकल सुविधा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।”

स्थानीय लोगों की बहादुरी

इस घटना में स्थानीय ग्रामीणों ने भी बहादुरी दिखाई। हादसा होते ही उन्होंने बिना देर किए घायलों को निकालने में मदद की। पहाड़ी और खतरनाक इलाके के बावजूद ग्रामीणों की तत्परता ने कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभाई।

रक्षा मंत्री और राज्यपाल ने जताया शोक

हादसे की जानकारी मिलते ही रक्षा मंत्री और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने इस दुखद घटना पर शोक जताया। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव मदद और इलाज उपलब्ध कराया जाए।

अतीत में भी हुए हैं ऐसे हादसे

यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर के उधमपुर या अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसा हादसा हुआ हो। सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बलों के वाहन अक्सर दुर्गम सड़कों से गुजरते हैं, जो बेहद जोखिम भरा होता है। इससे पहले भी कई बार वाहन दुर्घटनाओं में जवानों को जान गंवानी पड़ी है या गंभीर चोटें आई हैं।

सरकार से क्या उम्मीद है?

इस हादसे के बाद यह सवाल एक बार फिर खड़ा हो गया है कि क्या हमारी सुरक्षाबलों के लिए पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की पर्याप्त व्यवस्था है?
क्या जवानों को ले जाने वाले वाहनों की समय-समय पर तकनीकी जांच होती है?
सरकार को चाहिए कि वह इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करे और सड़कों की हालत, वाहन की सुरक्षा और जवानों के सफर को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाए।

निष्कर्ष

उधमपुर जिले के लोधरा बसंतगढ़ में हुआ यह हादसा न केवल एक दुखद समाचार है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि हमें अपने सुरक्षा बलों की सुरक्षा को लेकर और सतर्क रहने की ज़रूरत है। प्रशासन और सरकार को चाहिए कि हादसे की जाँच कर ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

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